मिल्खा सिंह के अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू भी मौजूद


Milkha Singh News: मिल्खा सिंह का लगभग एक महीने तक कोरोना संक्रमण से जूझने के बाद शनिवार को चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में निधन हो गया. वह 91 वर्ष के थे.

Milkha Singh News: मिल्खा सिंह का लगभग एक महीने तक कोरोना संक्रमण से जूझने के बाद शनिवार को चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में निधन हो गया. वह 91 वर्ष के थे.

चंडीगढ़. भारत के महान धावक मिल्खा सिंह के अंतिम संस्कार की तैयारियां शनिवार को चंडीगढ़ के मटका चौक स्थित श्मशान घाट में की गई. इस दौरान वहां केंद्रीय खेल मंत्री किरेन रिजिजू, पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह और हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह सहित कई लोग मौजूद रहे.

मिल्खा सिंह का लगभग एक महीने तक कोरोना संक्रमण से जूझने के बाद शनिवार को चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में निधन हो गया. वह 91 वर्ष के थे. उन्होंने अस्पताल में भर्ती होने से पहले पीटीआई से आखिरी बातचीत में कहा था, ‘चिंता मत करो. मैं ठीक हूं. मैं हैरान हूं कि कोरोना कैसे हो गया. उम्मीद है कि जल्दी अच्छा हो जाऊंगा.’

38 साल तक काम रहा मिल्खा सिंह का रिकॉर्ड

पदकों की बात करें, तो मिल्खा सिंह एशियाई खेलों में चार स्वर्ण और 1958 राष्ट्रमंडल खेलों में भी पीला तमगा जीता. इसके बावजूद उनके कैरियर की सबसे बड़ी उपलब्धि वह दौड़ थी जिसे वह हार गए. रोम ओलंपिक 1960 के 400 मीटर फाइनल में वह चौथे स्थान पर रहे. उनकी टाइमिंग 38 साल तक राष्ट्रीय रिकॉर्ड रही. उन्हें 1959 में पद्मश्री से नवाजा गया था. वह राष्ट्रमंडल खेलों में व्यक्तिगत स्पर्धा का पदक जीतने वाले पहले भारतीय थे. उनके अनुरोध पर तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने उस दिन राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा की थी.

80 में से 77 रेस मिल्खा ने अपने नाम किए

मिल्खा ने अपने कैरियर में 80 में से 77 रेस जीती. रोम ओलंपिक में चूकने का मलाल उन्हें ताउम्र रहा. अपने जीवन पर बनी फिल्म ‘भाग मिल्खा भाग’ के साथ अपनी आत्मकथा के विमोचन के मौके पर उन्होंने कहा था, ‘एक पदक के लिये मैं पूरे कैरियर में तरसता रहा और एक मामूली सी गलती से वह मेरे हाथ से निकल गया.’ उनका एक और सपना अभी तक अधूरा है कि कोई भारतीय ट्रैक और फील्ड में ओलंपिक पदक जीते.

पीएम मोदी ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के महान धावक मिल्खा सिंह के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि भारत ने ऐसा महान खिलाड़ी खो दिया जिनके जीवन से उदीयमान खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलती रहेगी. मोदी ने ट्वीट किया, ‘मिल्खा सिंह जी के निधन से हमने एक महान खिलाड़ी को खो दिया जिनका असंख्य भारतीयों के ह्रदय में विशेष स्थान था. अपने प्रेरक व्यक्तित्व से वे लाखों के चहेते थे. मैं उनके निधन से आहत हूं.’ उन्होंने आगे लिखा, ‘मैंने कुछ दिन पहले ही श्री मिल्खा सिंह जी से बात की थी. मुझे नहीं पता था कि यह हमारी आखिरी बात होगी. उनके जीवन से कई उदीयमान खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी. उनके परिवार और दुनिया भर में उनके प्रशंसकों को मेरी संवेदनायें.’









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