भारत की वैक्सीन मैत्री पर प्रोपेगेंडा, सरकार ने विरोधियों को दिया सख्त जवाब


भारत ने 70 से अधिक देशों को कोरोना वैक्‍सीन भेजी है. (प्रतीकात्‍मक तस्‍वीर-ANI)

India Vaccine Maitri: विदेशों में भेजे गए कुल टीकों में से केवल 1.05 करोड़ वैक्‍सीन ही अनुदान के तौर पर दी गई हैं. जबकि 3.58 करोड़ वैक्‍सीन की कमर्शियल सप्‍लाई की गई है.

नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस महामारी की बेकाबू रफ्तार ने फिर दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. इससे बचाव के लिए लगभग हर देश वैक्‍सीनेशन पर जोर दे रहे हैं. भारत में भी युद्ध स्‍तर पर टीकाकरण जारी है. इस बीच, देश के एक वरिष्‍ठ अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि भारत ने अब तक 83 देशों को कोविड-19 की वैक्‍सीन दी है. इसके साथ ही निर्यात किए गए टीकों की कुल संख्‍या 6.45 करोड़ तक पहुंच गई है.

उन्‍होंने कहा कि विदेशों में भेजे गए कुल टीकों में से केवल 1.05 करोड़ वैक्‍सीन ही अनुदान के तौर पर दी गई है. जबकि 3.58 करोड़ वैक्‍सीन की कमर्शियल सप्‍लाई की गई है. इसके अलावा 1.82 करोड़ कोरोना वैक्‍सीन अनुबंध के तौर पर दी गई है. अधिकारी ने कहा कि यह भी समझना महत्‍वपूर्ण है कि इस तरह की सप्‍लाई मैन्‍युफैक्‍चरिंग राइट के तहत कांट्रेक्चुअल एग्रीमेंट का हिस्‍सा है. उन्‍होंने कहा कि अनुदान के तौर पर दिए गए 1.05 करोड़ टीकों में से लगभग 75 प्रतिशत टीके हमारे पड़ोसी देशों को दिए गए.

पड़ोसियों की मदद करने से हमारा ही फायदा
इस बीच, बीजेपी के विदेश मामलों के विभाग प्रभारी एवं वैज्ञानिक विजय चौथाईवाले ने कहा कि कई देशों के साथ हमारी सीमा लगी है. इसलिए महामारी के परिणाम में एक दूसरे से जुड़े हैं. जब हमारे पड़ोसी देशों में वैक्‍सीन का इस्‍तेमाल होता है तो यह महामारी के रोकथाम में मदद करता है. इसके अलावा कई छोटे और विकासशील देश, जिनमें वैक्‍सीन बनाने की क्षमता नहीं है, वो वैक्‍सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत टीके से लाभान्‍वित हुए.विजय चौथाईवाले ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह दुखद है कि जो दल दशकों से सत्‍ता में रहे वह भारत के वैक्‍सीन मैत्री कार्यक्रम के रणनीतिक महत्‍व की सराहना नहीं कर रहे हैं. उन्‍होंने कहा कि वैक्‍सीन मैत्री कार्यक्रम एक मानवीय पहल है, जिसके तहत भारत में बने हुए कोरोना टीके को दुनियाभर में भेजा गया. इस साल की शुरुआत से ही सरकार ने अन्‍य देशों को कोरोना वैक्‍सीन उपलब्‍ध कराना शुरू कर दिया था.

उन्‍होंने कहा क‍ि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पिछले महीने राज्यसभा को बताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए वैक्‍सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत भारत ने 70 से अधिक देशों को कोरोना वैक्‍सीन भेजी है.

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विपक्ष का सरकार पर निशाना
बता दें कि इससे पहले महाराष्‍ट्र के मुख्‍यमंत्री उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार को एक पत्र लिखकर कहा था कि 25 साल से ऊपर के सभी लोगों को इस महीने से टीकाकरण की अनुमति देनी चाहिए.

वहीं कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने देश के सभी नागरिकों के लिए कोरोना के टीके की पैरवी करते हुए कहा था कि इस टीके की जरूरत को लेकर बहस करना हास्यास्पद है तथा हर भारतीय सुरक्षित जीवन का मौका पाने का हकदार है. उन्होंने ‘कोविड वैक्सीन’ हैशटैग से ट्वीट किया, ‘जरूरत और मर्जी को लेकर बहस करना हास्यास्पद है. हर भारतीय सुरक्षित जीवन का मौका पाने का हकदार है.’









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